गोदान - Godan

नहीं अदालत जाओ। रात इसने सारे गाँव के लौंडों को बटोर कर कितना अनर्थ किया। लेकिन मुखियों में भी ईर्ष्या की कमी न थी। सभी अपने बराबर वालों के परिहास पर प्रसन्न थे। पटेश्वरी और नोखेराम में बातें हो रही थीं। पटेश्वरी ने कहा - मगर सबों को घर-घर की रत्ती-रत्ती का हाल मालूम है। झिंगुरीसिंह को तो सबों ने ऐसा रगेदा कि कुछ न पूछो। दोनों ठकुराइनों की बातें सुन-सुन कर लोग हँसी के मारे लोट गए।

नोखेराम ने ठट्टा मार कर कहा - मगर नकल


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नहीं अदालत जाओ। रात इसने सारे गाँव के लौंडों को बटोर कर कितना अनर्थ किया। लेकिन मुखियों में भी ईर्ष्या की कमी न थी। सभी अपने बराबर वालों के परिहास पर प्रसन्न थे। पटेश्वरी और नोखेराम में बातें हो रही थीं। पटेश्वरी ने कहा - मगर सबों को घर-घर की रत्ती-रत्ती का हाल मालूम है। झिंगुरीसिंह को तो सबों ने ऐसा रगेदा कि कुछ न पूछो। दोनों ठकुराइनों की बातें सुन-सुन कर लोग हँसी के मारे लोट गए।

नोखेराम ने ठट्टा मार कर कहा - मगर नकल


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