गोदान - Godan

मोटे नहीं होते। मोटे होते हैं घास-पात खाने से।

'तो ठकुराइन ठाकुर से बलवान हैं?'

'और क्या। अभी उस दिन दोनों में लड़ाई हुई, तो ठकुराइन ने ठाकुर को ऐसा ढकेला कि उनके घुटने फूट गए।'

'तो तू भी पहले आप खा कर तब जीजा को खिलाएगी?'

'और क्या! '

'अम्माँ तो पहले दादा को खिलाती हैं।'

'तभी तो जब देखो तब दादा डाँट देते हैं। मैं बलवान हो कर अपने मरद को काबू में रखूँगी। तेरा मरद तुझे पीटेगा, तेरी हडी तोड़ कर रख देगा।'

रूपा रूआँसी हो कर बोली - क्यों पीटेगा,


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मोटे नहीं होते। मोटे होते हैं घास-पात खाने से।

'तो ठकुराइन ठाकुर से बलवान हैं?'

'और क्या। अभी उस दिन दोनों में लड़ाई हुई, तो ठकुराइन ने ठाकुर को ऐसा ढकेला कि उनके घुटने फूट गए।'

'तो तू भी पहले आप खा कर तब जीजा को खिलाएगी?'

'और क्या! '

'अम्माँ तो पहले दादा को खिलाती हैं।'

'तभी तो जब देखो तब दादा डाँट देते हैं। मैं बलवान हो कर अपने मरद को काबू में रखूँगी। तेरा मरद तुझे पीटेगा, तेरी हडी तोड़ कर रख देगा।'

रूपा रूआँसी हो कर बोली - क्यों पीटेगा,


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