पर आज उनके फादर की तबियत अच्छी नहीं है, इसलिए न आ सकीं।
उन्होंने चंदे की सूची रायसाहब के हाथ में रख दी। पहला नाम राजा सूर्यप्रताप सिंह का था, जिसके सामने पाँच हजार रुपए की रकम थी। उसके बाद कुँवर दिग्विजय सिंह के तीन हजार रुपए थे। इसके बाद कई रकमें इतनी या इससे कुछ कम थीं। मालती ने पाँच सौ रुपए दिए थे और डाक्टर मेहता ने एक हजार रुपए।
रायसाहब ने अप्रतिभ हो कर कहा - कोई चालीस हजार तो आप लोगों ने फटकार लिए। मेहता ने गर्व
पर आज उनके फादर की तबियत अच्छी नहीं है, इसलिए न आ सकीं।
उन्होंने चंदे की सूची रायसाहब के हाथ में रख दी। पहला नाम राजा सूर्यप्रताप सिंह का था, जिसके सामने पाँच हजार रुपए की रकम थी। उसके बाद कुँवर दिग्विजय सिंह के तीन हजार रुपए थे। इसके बाद कई रकमें इतनी या इससे कुछ कम थीं। मालती ने पाँच सौ रुपए दिए थे और डाक्टर मेहता ने एक हजार रुपए।
रायसाहब ने अप्रतिभ हो कर कहा - कोई चालीस हजार तो आप लोगों ने फटकार लिए। मेहता ने गर्व