गोदान - Godan

तो उसमें सहयोग दें। मिस्टर खन्ना की नीति मुझे बहुत पसंद आई।'

खन्ना बोले - मैं तो साफ कहता हूँ और इसीलिए बदनाम हूँ।

रायसाहब ने दुर्बल मुस्कान के साथ कहा - मुझमें तो विचार करने की शक्ति ही नहीं। सज्जनों के पीछे चलना ही मैं अपना धर्म समझता हूँ।

'तो लिखिए कोई अच्छी रकम।'

'जो कहिए, वह लिख दूँ।'

'जो आपकी इच्छा।'

'आप जो कहिए, वह लिख दूँ।'

'तो दो हजार से कम क्या लिखिएगा?'

रायसाहब ने आहत स्वर में कहा - आपकी निगाह में मेरी यही हैसियत है?


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तो उसमें सहयोग दें। मिस्टर खन्ना की नीति मुझे बहुत पसंद आई।'

खन्ना बोले - मैं तो साफ कहता हूँ और इसीलिए बदनाम हूँ।

रायसाहब ने दुर्बल मुस्कान के साथ कहा - मुझमें तो विचार करने की शक्ति ही नहीं। सज्जनों के पीछे चलना ही मैं अपना धर्म समझता हूँ।

'तो लिखिए कोई अच्छी रकम।'

'जो कहिए, वह लिख दूँ।'

'जो आपकी इच्छा।'

'आप जो कहिए, वह लिख दूँ।'

'तो दो हजार से कम क्या लिखिएगा?'

रायसाहब ने आहत स्वर में कहा - आपकी निगाह में मेरी यही हैसियत है?


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