आत्मीयता जताई - ऐसे मुआमले में स्त्री को हमेशा पुरुष से सलाह ले लेनी चाहिए!
खन्ना ने रायसाहब को धन्यवाद की आँखों से देखा - इन्हीं बातों पर गोविंदी से मेरा जी जलता है, और उस पर मुझी को लोग बुरा कहते हैं। आप ही सोचिए, मुझे इन झगड़ों से क्या मतलब? इनमें तो वह पड़े, जिसके पास फालतू रुपए हों फालतू समय हो और नाम की हवस हो। होना यही है कि दो-चार महाशय सेक्रेटरी और अंडर सेक्रेटरी और प्रधान और उपप्रधान बन कर अफसरों को दावतें देंगे,
आत्मीयता जताई - ऐसे मुआमले में स्त्री को हमेशा पुरुष से सलाह ले लेनी चाहिए!
खन्ना ने रायसाहब को धन्यवाद की आँखों से देखा - इन्हीं बातों पर गोविंदी से मेरा जी जलता है, और उस पर मुझी को लोग बुरा कहते हैं। आप ही सोचिए, मुझे इन झगड़ों से क्या मतलब? इनमें तो वह पड़े, जिसके पास फालतू रुपए हों फालतू समय हो और नाम की हवस हो। होना यही है कि दो-चार महाशय सेक्रेटरी और अंडर सेक्रेटरी और प्रधान और उपप्रधान बन कर अफसरों को दावतें देंगे,