'यह तो ठीक है, लेकिन सरकार भी इन बातों को खूब समझती है। इसकी भी कोई रोक निकालेगी, देख लेना।'
'इसकी कोई रोक हो ही नहीं सकती।'
'अच्छा, अगर वह सर्त कर दे, जब तक स्टांप पर गाँव के मुखिया या कारिंदा के दसखत न होंगे, वह पक्का न होगा, तब क्या करोगे?'
'असामी को सौ बार गरज होगी, मुखिया को हाथ-पाँव जोड़ के लाएगा और दसखत कराएगा। हम तो एक-चौथाई काट ही लेंगे।'
'और जो फँस जाओ। जाली हिसाब लिखा और गए चौदह साल को।'
झिंगुरीसिंह जोर से हँसा - तुम क्या कहते हो पंडित,
'यह तो ठीक है, लेकिन सरकार भी इन बातों को खूब समझती है। इसकी भी कोई रोक निकालेगी, देख लेना।'
'इसकी कोई रोक हो ही नहीं सकती।'
'अच्छा, अगर वह सर्त कर दे, जब तक स्टांप पर गाँव के मुखिया या कारिंदा के दसखत न होंगे, वह पक्का न होगा, तब क्या करोगे?'
'असामी को सौ बार गरज होगी, मुखिया को हाथ-पाँव जोड़ के लाएगा और दसखत कराएगा। हम तो एक-चौथाई काट ही लेंगे।'
'और जो फँस जाओ। जाली हिसाब लिखा और गए चौदह साल को।'
झिंगुरीसिंह जोर से हँसा - तुम क्या कहते हो पंडित,