एक क्षण में शत्रु पर पूरी विजय पा कर आद्रमणकारियों ने वहाँ से टल जाना ही उचित समझा। जनमत बदलते देर नहीं लगती। उससे बचे रहना ही अच्छा है।
मातादीन कै कर रहा था। दातादीन ने उसकी पीठ सहलाते हुए कहा - एक-एक को पाँच-पाँच साल के लिए न भेजवाया,तो कहना। पाँच-पाँच साल तक चक्की पिसवाऊँगा।
हरखू ने हेकड़ी के साथ जवाब दिया - इसका यहाँ कोई गम नहीं। कौन तुम्हारी तरह बैठे मौज करते हैं? जहाँ काम करेंगे, वहीं आधा पेट दाना मिल जायगा।
एक क्षण में शत्रु पर पूरी विजय पा कर आद्रमणकारियों ने वहाँ से टल जाना ही उचित समझा। जनमत बदलते देर नहीं लगती। उससे बचे रहना ही अच्छा है।
मातादीन कै कर रहा था। दातादीन ने उसकी पीठ सहलाते हुए कहा - एक-एक को पाँच-पाँच साल के लिए न भेजवाया,तो कहना। पाँच-पाँच साल तक चक्की पिसवाऊँगा।
हरखू ने हेकड़ी के साथ जवाब दिया - इसका यहाँ कोई गम नहीं। कौन तुम्हारी तरह बैठे मौज करते हैं? जहाँ काम करेंगे, वहीं आधा पेट दाना मिल जायगा।