होरी को मुस्कराते देख कर उसने सरस ताड़ना के भाव से कहा - हँसोगे होरी, तो मैं भी कुछ कह दूँगी। तुम क्या किसी से कम नटखट थे? दिन में पचीसों बार किसी-न-किसी बहाने मेरी दुकान पर आया करते थे, मगर मैंने कभी ताका तक नहीं।
होरी ने मीठे प्रतिवाद के साथ कहा - यह तो तुम झूठ बोलती हो भाभी! मैं बिना कुछ रस पाए थोड़े ही आता था। चिड़िया एक बार परच जाती है, तभी दूसरी बार आँगन में आती है।
'चल झूठे।'
'आँखों से न ताकती रही हो, लेकिन तुम्हारा मन तो ताकता ही था,
होरी को मुस्कराते देख कर उसने सरस ताड़ना के भाव से कहा - हँसोगे होरी, तो मैं भी कुछ कह दूँगी। तुम क्या किसी से कम नटखट थे? दिन में पचीसों बार किसी-न-किसी बहाने मेरी दुकान पर आया करते थे, मगर मैंने कभी ताका तक नहीं।
होरी ने मीठे प्रतिवाद के साथ कहा - यह तो तुम झूठ बोलती हो भाभी! मैं बिना कुछ रस पाए थोड़े ही आता था। चिड़िया एक बार परच जाती है, तभी दूसरी बार आँगन में आती है।
'चल झूठे।'
'आँखों से न ताकती रही हो, लेकिन तुम्हारा मन तो ताकता ही था,