पर चला तो सिलिया का पता न था। बिगड़ कर बोला - सिलिया कहाँ उड़ गई? रहती है, रहती है, न जाने किधर चल देती है, जैसे किसी काम में जी ही नहीं लगता। तू जानती है सोना, कहाँ गई है?
सोना ने बहाना किया - मुझे तो कुछ मालूम नहीं। कहती थी, धोबिन के घर कपड़े लेने जाना है, वहीं चली गई होगी।
धनिया ने खाट से उठ कर कहा - चलो, मैं क्यारी बराए देती हूँ। कौन उसे मजूरी देते हो जो बिगड़ रहे हो?
'हमारे घर में रहती नहीं है? उसके पीछे सारे गाँव में बदनाम नहीं हो रहे हैं?'
पर चला तो सिलिया का पता न था। बिगड़ कर बोला - सिलिया कहाँ उड़ गई? रहती है, रहती है, न जाने किधर चल देती है, जैसे किसी काम में जी ही नहीं लगता। तू जानती है सोना, कहाँ गई है?
सोना ने बहाना किया - मुझे तो कुछ मालूम नहीं। कहती थी, धोबिन के घर कपड़े लेने जाना है, वहीं चली गई होगी।
धनिया ने खाट से उठ कर कहा - चलो, मैं क्यारी बराए देती हूँ। कौन उसे मजूरी देते हो जो बिगड़ रहे हो?
'हमारे घर में रहती नहीं है? उसके पीछे सारे गाँव में बदनाम नहीं हो रहे हैं?'