गोदान - Godan

न तुम्हीं धनवान हो जाओगे, वह सब धन नाच-तमासे में ही उड़ जायगा। हाँ, ऐसी बहू न पाओगे।

सोना ने सजल नेत्रों से पूछा - महतो इतनी ही बात पर उन्हें मारने लगे?

सिलिया ने यह बात छिपा रक्खी थी। ऐसी अपमान की बात सोना के कानों में न डालना चाहती थी, पर यह प्रश्न सुन कर संयम न रख सकी। बोली - वही गोबर भैया वाली बात थी। महतो ने कहा - आदमी जूठा तभी खाता है, जब मीठा हो। कलंक चाँदी से ही धुलता है। इस पर मथुरा बोला - काका, कौन घर कलंक से बचा हुआ है? हाँ,


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न तुम्हीं धनवान हो जाओगे, वह सब धन नाच-तमासे में ही उड़ जायगा। हाँ, ऐसी बहू न पाओगे।

सोना ने सजल नेत्रों से पूछा - महतो इतनी ही बात पर उन्हें मारने लगे?

सिलिया ने यह बात छिपा रक्खी थी। ऐसी अपमान की बात सोना के कानों में न डालना चाहती थी, पर यह प्रश्न सुन कर संयम न रख सकी। बोली - वही गोबर भैया वाली बात थी। महतो ने कहा - आदमी जूठा तभी खाता है, जब मीठा हो। कलंक चाँदी से ही धुलता है। इस पर मथुरा बोला - काका, कौन घर कलंक से बचा हुआ है? हाँ,


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