ब्राह्मण सतेज हो उठा। मूँछें खड़ी करके बोला - तेरी ओर जो ताके, उसकी आँखें निकाल लूँ।
नोहरी ने लोहे को लाल करके घन जमाया - लाला पटेसरी जब देखो मुझसे बेबात की बात किया करते हैं। मैं हरजाई थोड़े ही हूँ कि कोई मुझे पैसे दिखाए। गाँव-भर में सभी औरतें तो हैं, कोई उनसे नहीं बोलता। जिसे देखो, मुझी को छेड़ता है।
नोखेराम के सिर पर भूत सवार हो गया। अपना मोटा डंडा उठाया और आँधी की तरह हरहराते हुए बाग में पहुँच कर लगे ललकारने - आ जा बड़ा मर्द है तो। मूँछें उखाड़ लूँगा,
ब्राह्मण सतेज हो उठा। मूँछें खड़ी करके बोला - तेरी ओर जो ताके, उसकी आँखें निकाल लूँ।
नोहरी ने लोहे को लाल करके घन जमाया - लाला पटेसरी जब देखो मुझसे बेबात की बात किया करते हैं। मैं हरजाई थोड़े ही हूँ कि कोई मुझे पैसे दिखाए। गाँव-भर में सभी औरतें तो हैं, कोई उनसे नहीं बोलता। जिसे देखो, मुझी को छेड़ता है।
नोखेराम के सिर पर भूत सवार हो गया। अपना मोटा डंडा उठाया और आँधी की तरह हरहराते हुए बाग में पहुँच कर लगे ललकारने - आ जा बड़ा मर्द है तो। मूँछें उखाड़ लूँगा,