होरी ने दीनता से कहा - पूछने के लिए तूने मुँह भी रखा हो। तेरी गालियाँ क्या उन्होंने न सुनी होंगी?
'जो गाली खाने का काम करेगा, उसे गालियाँ मिलेंगी ही।'
'तू गालियाँ भी देगी और भाई-चारा भी निभाएगी।'
'देखूँगी, मेरे खेत के नगीच कौन जाता है?'
'मिल वाले आ कर काट ले जाएँगे, तू क्या करेगी, और मैं क्या करूँगा? गालियाँ दे कर अपने जीभ की खुजली चाहे मिटा ले।'
'मेरे जीते-जी कोई मेरा खेत काट ले जायगा?'
'हाँ, तेरे और मेरे
होरी ने दीनता से कहा - पूछने के लिए तूने मुँह भी रखा हो। तेरी गालियाँ क्या उन्होंने न सुनी होंगी?
'जो गाली खाने का काम करेगा, उसे गालियाँ मिलेंगी ही।'
'तू गालियाँ भी देगी और भाई-चारा भी निभाएगी।'
'देखूँगी, मेरे खेत के नगीच कौन जाता है?'
'मिल वाले आ कर काट ले जाएँगे, तू क्या करेगी, और मैं क्या करूँगा? गालियाँ दे कर अपने जीभ की खुजली चाहे मिटा ले।'
'मेरे जीते-जी कोई मेरा खेत काट ले जायगा?'
'हाँ, तेरे और मेरे