होरी ने मीठे उलाहने के साथ कहा - ले, अब यही तेरी बेइंसाफी मुझे अच्छी नहीं लगती धनिया! भोला से पूछ, मैंने उनसे तेरे बारे में क्या कहा था?
धनिया ने बात बदल कर कहा - देखो, गोबर गाय ले कर आता है कि खाली हाथ।
चौधरी ने पसीने में लथपथ आ कर कहा - महतो, चल कर बाँस गिन लो। कल ठेला ला कर उठा ले जाऊँगा।
होरी ने बाँस गिनने की जरूरत न समझी। चौधरी ऐसा आदमी नहीं है। फिर एकाध बाँस बेसी काट ही लेगा, तो क्या। रोज ही तो मँगनी बाँस
होरी ने मीठे उलाहने के साथ कहा - ले, अब यही तेरी बेइंसाफी मुझे अच्छी नहीं लगती धनिया! भोला से पूछ, मैंने उनसे तेरे बारे में क्या कहा था?
धनिया ने बात बदल कर कहा - देखो, गोबर गाय ले कर आता है कि खाली हाथ।
चौधरी ने पसीने में लथपथ आ कर कहा - महतो, चल कर बाँस गिन लो। कल ठेला ला कर उठा ले जाऊँगा।
होरी ने बाँस गिनने की जरूरत न समझी। चौधरी ऐसा आदमी नहीं है। फिर एकाध बाँस बेसी काट ही लेगा, तो क्या। रोज ही तो मँगनी बाँस