तो क्या रूपा बकरी चराने नहीं जाती? फिर सोना क्यों अकेली गोबर पाथेगी? यह अन्याय रूपा कैसे सहे? होरी ने उसके भोलेपन पर मुग्ध हो कर कहा - नहीं, गाय का गोबर तू पार्थना! सोना गाय के पास आय तो भगा देना।
रूपा ने पिता के गले में हाथ डाल कर कहा - दूध भी मैं ही दुहूँगी।
'हाँ-हाँ, तू न दुहेगी तो और कौन दुहेगा?'
'वह मेरी गाय होगी।'
'हाँ, सोलहों आने तेरी।'
रूपा प्रसन्न हो कर अपने विजय का शुभ समाचार पराजित सोना को सुनाने चली गई। गाय मेरी होगी,
तो क्या रूपा बकरी चराने नहीं जाती? फिर सोना क्यों अकेली गोबर पाथेगी? यह अन्याय रूपा कैसे सहे? होरी ने उसके भोलेपन पर मुग्ध हो कर कहा - नहीं, गाय का गोबर तू पार्थना! सोना गाय के पास आय तो भगा देना।
रूपा ने पिता के गले में हाथ डाल कर कहा - दूध भी मैं ही दुहूँगी।
'हाँ-हाँ, तू न दुहेगी तो और कौन दुहेगा?'
'वह मेरी गाय होगी।'
'हाँ, सोलहों आने तेरी।'
रूपा प्रसन्न हो कर अपने विजय का शुभ समाचार पराजित सोना को सुनाने चली गई। गाय मेरी होगी,