लेकिन करजे का कोई ठिकाना नहीं। यहाँ कौन बचा है?
सहसा सोना और रूपा दोनों दौड़ी हुई आईं और एक साथ बोलीं - भैया गाय ला रहे हैं। आगे-आगे गाय, पीछे-पीछे भैया हैं।
रूपा ने पहले गोबर को आते देखा था। यह खबर सुनाने की सुर्खरूई उसे मिलनी चाहिए थी। सोना बराबर की हिस्सेदार हुई जाती है, यह उससे कैसे सहा जाता?
उसने आगे बढ़ कर कहा - पहले मैंने देखा था। तभी दौड़ी। बहन ने तो पीछे से देखा।
सोना इस दावे को स्वीकार न कर सकी। बोली - तूने भैया को कहाँ पहचाना? तू तो कहती थी,
लेकिन करजे का कोई ठिकाना नहीं। यहाँ कौन बचा है?
सहसा सोना और रूपा दोनों दौड़ी हुई आईं और एक साथ बोलीं - भैया गाय ला रहे हैं। आगे-आगे गाय, पीछे-पीछे भैया हैं।
रूपा ने पहले गोबर को आते देखा था। यह खबर सुनाने की सुर्खरूई उसे मिलनी चाहिए थी। सोना बराबर की हिस्सेदार हुई जाती है, यह उससे कैसे सहा जाता?
उसने आगे बढ़ कर कहा - पहले मैंने देखा था। तभी दौड़ी। बहन ने तो पीछे से देखा।
सोना इस दावे को स्वीकार न कर सकी। बोली - तूने भैया को कहाँ पहचाना? तू तो कहती थी,