झुनिया ने कटाक्ष करके कहा - तो यह कहो, तुम भी मतलब के यार हो।
गोबर की धमनियों का रक्त प्रबल हो उठा। बोला - भूखा आदमी अगर हाथ फैलाए तो उसे क्षमा कर देना चाहिए।
झुनिया और गहरे पानी में उतरी - भिक्षुक जब तक दस द्वारे न जाय, उसका पेट कैसे भरेगा? मैं ऐसे भिक्षुकों को मुँह नहीं लगाती। ऐसे तो गली-गली मिलते हैं। फिर भिक्षुक देता क्या है, असीस! असीसों से तो किसी का पेट नहीं भरता।
मंद-बुद्धि गोबर झुनिया का आशय न समझ सका। झुनिया छोटी-सी थी,
झुनिया ने कटाक्ष करके कहा - तो यह कहो, तुम भी मतलब के यार हो।
गोबर की धमनियों का रक्त प्रबल हो उठा। बोला - भूखा आदमी अगर हाथ फैलाए तो उसे क्षमा कर देना चाहिए।
झुनिया और गहरे पानी में उतरी - भिक्षुक जब तक दस द्वारे न जाय, उसका पेट कैसे भरेगा? मैं ऐसे भिक्षुकों को मुँह नहीं लगाती। ऐसे तो गली-गली मिलते हैं। फिर भिक्षुक देता क्या है, असीस! असीसों से तो किसी का पेट नहीं भरता।
मंद-बुद्धि गोबर झुनिया का आशय न समझ सका। झुनिया छोटी-सी थी,