'हुश! सौ रुपए! लाख रुपए का धर्म बिगाडूँ सौ के लिए।'
'अच्छा, आप खुद अपनी फीस बताइए।'
'एक हजार, कौड़ी कम नहीं।'
'अच्छा, मंजूर।'
'जी नहीं, ला कर मेहता जी के हाथ में रख दीजिए।'
मिर्जा जी ने तुरंत सौ रुपए का नोट जेब से निकाला और उसे दिखाते हुए खड़े हो कर बोले- भाइयो! यह हम सब मरदों की इज्जत का मामला है। अगर मिस मालती की फरमाइश न पूरी हुई, तो हमारे लिए कहीं मुँह दिखाने की जगह न रहेगी। अगर मेरे पास रुपए होते, तो
'हुश! सौ रुपए! लाख रुपए का धर्म बिगाडूँ सौ के लिए।'
'अच्छा, आप खुद अपनी फीस बताइए।'
'एक हजार, कौड़ी कम नहीं।'
'अच्छा, मंजूर।'
'जी नहीं, ला कर मेहता जी के हाथ में रख दीजिए।'
मिर्जा जी ने तुरंत सौ रुपए का नोट जेब से निकाला और उसे दिखाते हुए खड़े हो कर बोले- भाइयो! यह हम सब मरदों की इज्जत का मामला है। अगर मिस मालती की फरमाइश न पूरी हुई, तो हमारे लिए कहीं मुँह दिखाने की जगह न रहेगी। अगर मेरे पास रुपए होते, तो