गोदान - Godan

खन्ना के पास गए और पाँच मिनट ही में मुँह लटकाए लौट आए।

मिर्जा ने पूछा - अरे, क्या खाली हाथ?

रायसाहब हँसे - काजी के घर चूहे भी सयाने।

मिर्जा ने कहा - हो बड़े खुशनसीब खन्ना, खुदा की कसम।

मेहता ने कहकहा मारा और जेब से सौ-सौ रुपए के पाँच नोट निकाले।

मिर्जा ने लपक कर उन्हें गले लगा लिया।

चारों तरफ से आवाजें आने लगीं - कमाल है, मानता हूँ उस्ताद, क्यों न हो, फिलासफर ही जो ठहरे!

मिर्जा ने नोटों को आँखों से लगा कर कहा - भई मेहता,


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खन्ना के पास गए और पाँच मिनट ही में मुँह लटकाए लौट आए।

मिर्जा ने पूछा - अरे, क्या खाली हाथ?

रायसाहब हँसे - काजी के घर चूहे भी सयाने।

मिर्जा ने कहा - हो बड़े खुशनसीब खन्ना, खुदा की कसम।

मेहता ने कहकहा मारा और जेब से सौ-सौ रुपए के पाँच नोट निकाले।

मिर्जा ने लपक कर उन्हें गले लगा लिया।

चारों तरफ से आवाजें आने लगीं - कमाल है, मानता हूँ उस्ताद, क्यों न हो, फिलासफर ही जो ठहरे!

मिर्जा ने नोटों को आँखों से लगा कर कहा - भई मेहता,


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