खान साहब के सामने जा कर निश्शंक भाव से कहा - तुम्हें रुपए नहीं मिलेंगे।
खान ने हाथ बढ़ा कर कहा- तो अम तुमको लूट ले जायगा।
'तुम इतने आदमियों के बीच से हमें नहीं ले जा सकते।'
'अम तुमको एक हजार आदमियों के बीच से ले जा सकता है।'
'तुमको जान से हाथ धोना पड़ेगा।'
'अम अपने माशूक के लिए अपने जिस्म का एक-एक बोटी नुचवा सकता है।'
उसने मालती का हाथ पकड़ कर खींचा। उसी वक्त होरी ने कमरे में कदम रखा। वह राजा जनक का माली बना
खान साहब के सामने जा कर निश्शंक भाव से कहा - तुम्हें रुपए नहीं मिलेंगे।
खान ने हाथ बढ़ा कर कहा- तो अम तुमको लूट ले जायगा।
'तुम इतने आदमियों के बीच से हमें नहीं ले जा सकते।'
'अम तुमको एक हजार आदमियों के बीच से ले जा सकता है।'
'तुमको जान से हाथ धोना पड़ेगा।'
'अम अपने माशूक के लिए अपने जिस्म का एक-एक बोटी नुचवा सकता है।'
उसने मालती का हाथ पकड़ कर खींचा। उसी वक्त होरी ने कमरे में कदम रखा। वह राजा जनक का माली बना