गोदान - Godan

रहा था। उसकी सहज बुद्धि ने परिस्थिति का अनुमान कर लिया। उसी वक्त रायसाहब ने पुकारा- होरी, दौड़ कर जा और सिपाहियों को बुला ला, जल्द दौड़!

होरी पीछे मुड़ा था कि खान ने उसके सामने बंदूक तान कर डाँटा - कहाँ जाता है? सुअर अम गोली मार देगा।

होरी गँवार था। लाल पगड़ी देख कर उसके प्राण निकल जाते थे, लेकिन मस्त सांड़ पर लाठी ले कर पिल पड़ता था। वह कायर न था, मारना और मरना दोनों ही जानता था, मगर पुलिस के हथकंडों के सामने उसकी एक न चलती थी। बँधे-बँधे कौन फिरे,


351 of 1753

रहा था। उसकी सहज बुद्धि ने परिस्थिति का अनुमान कर लिया। उसी वक्त रायसाहब ने पुकारा- होरी, दौड़ कर जा और सिपाहियों को बुला ला, जल्द दौड़!

होरी पीछे मुड़ा था कि खान ने उसके सामने बंदूक तान कर डाँटा - कहाँ जाता है? सुअर अम गोली मार देगा।

होरी गँवार था। लाल पगड़ी देख कर उसके प्राण निकल जाते थे, लेकिन मस्त सांड़ पर लाठी ले कर पिल पड़ता था। वह कायर न था, मारना और मरना दोनों ही जानता था, मगर पुलिस के हथकंडों के सामने उसकी एक न चलती थी। बँधे-बँधे कौन फिरे,


351 of 1753