गोदान - Godan

जिससे आत्मा की तृप्ति हो। उत्तेजक और शोषक पदार्थो की मुझे जरूरत नहीं।'

मालती ने होंठ सिकोड़ कर ऊपर को साँस खींचते हुए कहा - तुमसे कोई पेश न पाएगा। एक ही घाघ हो। अच्छा बताओ, मेरे विषय में तुम्हारा क्या खयाल है?

मेहता ने नटखटपन से मुस्करा कर कहा - तुम सब कुछ कर सकती हो, बुद्धिमती हो, चतुर हो, प्रतिभावान हो, दयालु हो, चंचल हो, स्वाभिमानी हो, त्याग कर सकती हो, लेकिन प्रेम नहीं कर सकती।

मालती ने पैनी दृष्टि से ताक कर कहा - झूठे हो तुम,


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जिससे आत्मा की तृप्ति हो। उत्तेजक और शोषक पदार्थो की मुझे जरूरत नहीं।'

मालती ने होंठ सिकोड़ कर ऊपर को साँस खींचते हुए कहा - तुमसे कोई पेश न पाएगा। एक ही घाघ हो। अच्छा बताओ, मेरे विषय में तुम्हारा क्या खयाल है?

मेहता ने नटखटपन से मुस्करा कर कहा - तुम सब कुछ कर सकती हो, बुद्धिमती हो, चतुर हो, प्रतिभावान हो, दयालु हो, चंचल हो, स्वाभिमानी हो, त्याग कर सकती हो, लेकिन प्रेम नहीं कर सकती।

मालती ने पैनी दृष्टि से ताक कर कहा - झूठे हो तुम,


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