'तुम खाल ले कर क्या करोगी?'
'हमारे दादा बाजार में बेचते हैं। यही तो हमारा काम है।'
'लेकिन दोपहरी यहाँ काटें, तुम खिलाओगी क्या?'
युवती ने लजाते हुए कहा - तुम्हारे खाने लायक हमारे घर में क्या है। मक्के की रोटियाँ खाओ, तो धरी हैं। चिड़िए का सालन पका दूँगी। तुम बताते जाना, जैसे बनाना हो। थोड़ा-सा दूध भी है। हमारी गैया को एक बार तेंदुए ने घेरा था। उसे सींगों से भगा कर भाग आई, तब से तेंदुआ उससे डरता है।
'लेकिन मैं अकेला नहीं हूँ। मेरे साथ एक औरत भी है।'
'तुम खाल ले कर क्या करोगी?'
'हमारे दादा बाजार में बेचते हैं। यही तो हमारा काम है।'
'लेकिन दोपहरी यहाँ काटें, तुम खिलाओगी क्या?'
युवती ने लजाते हुए कहा - तुम्हारे खाने लायक हमारे घर में क्या है। मक्के की रोटियाँ खाओ, तो धरी हैं। चिड़िए का सालन पका दूँगी। तुम बताते जाना, जैसे बनाना हो। थोड़ा-सा दूध भी है। हमारी गैया को एक बार तेंदुए ने घेरा था। उसे सींगों से भगा कर भाग आई, तब से तेंदुआ उससे डरता है।
'लेकिन मैं अकेला नहीं हूँ। मेरे साथ एक औरत भी है।'