गोदान - Godan

तुम्हारा यह नेह, तुम्हारी यह नि:स्वार्थ सेवा हमेशा याद रहेगी।

युवती ने दोनों हाथों से, सजल नेत्र हो कर उन्हें प्रणाम किया और झोपड़ी के अंदर चली गई।

दूसरी टोली रायसाहब और खन्ना की थी। रायसाहब तो अपने उसी रेशमी कुरते और रेशमी चादर में थे। मगर खन्ना ने शिकारी सूट डाँटा था, जो शायद आज ही के लिए बनवाया गया था; क्योंकि खन्ना को असामियों के शिकार से इतनी फुर्सत कहाँ थी कि जानवरों का शिकार करते। खन्ना ठिंगने, इकहरे, रूपवान आदमी थे,


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तुम्हारा यह नेह, तुम्हारी यह नि:स्वार्थ सेवा हमेशा याद रहेगी।

युवती ने दोनों हाथों से, सजल नेत्र हो कर उन्हें प्रणाम किया और झोपड़ी के अंदर चली गई।

दूसरी टोली रायसाहब और खन्ना की थी। रायसाहब तो अपने उसी रेशमी कुरते और रेशमी चादर में थे। मगर खन्ना ने शिकारी सूट डाँटा था, जो शायद आज ही के लिए बनवाया गया था; क्योंकि खन्ना को असामियों के शिकार से इतनी फुर्सत कहाँ थी कि जानवरों का शिकार करते। खन्ना ठिंगने, इकहरे, रूपवान आदमी थे,


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