गाय अपने मौत से मरी है। बुड्ढी हो गई थी।
धनिया भी आ कर पीछे खड़ी थी। तुरंत बोली - गाय मारी है तुम्हारे भाई हीरा ने। सरकार ऐसे बौड़म नहीं हैं कि जो कुछ तुम कह दोगे, वह मान लेंगे। यहाँ जाँच-तहकियात करने आए हैं।
दारोगा जी ने पूछा - यह कौन औरत है?
कई आदमियों ने दारोगा जी से कुछ बातचीत करने का सौभाग्य प्राप्त करने के लिए चढ़ा-ऊपरी की। एक साथ बोले और अपने मन को इस कल्पना से संतोष दिया कि पहले मैं बोला - होरी की घरवाली है सरकार!
गाय अपने मौत से मरी है। बुड्ढी हो गई थी।
धनिया भी आ कर पीछे खड़ी थी। तुरंत बोली - गाय मारी है तुम्हारे भाई हीरा ने। सरकार ऐसे बौड़म नहीं हैं कि जो कुछ तुम कह दोगे, वह मान लेंगे। यहाँ जाँच-तहकियात करने आए हैं।
दारोगा जी ने पूछा - यह कौन औरत है?
कई आदमियों ने दारोगा जी से कुछ बातचीत करने का सौभाग्य प्राप्त करने के लिए चढ़ा-ऊपरी की। एक साथ बोले और अपने मन को इस कल्पना से संतोष दिया कि पहले मैं बोला - होरी की घरवाली है सरकार!