'चार मुखिया हैं, इसका खयाल कीजिए।'
'अच्छा आधे-आध पर रखो, जल्दी करो। मुझे देर हो रही है।'
पटेश्वरी ने झिंगुरी से कहा - झिंगुरी ने होरी को इशारे से बुलाया, अपने घर ले गए, तीस रुपए गिन कर उसके हवाले किए और एहसान से दबाते हुए बोले - आज ही कागद लिखा लेना। तुम्हारा मुँह देख कर रुपए दे रहा हूँ, तुम्हारी भलमंसी पर।
होरी ने रुपए लिए और अँगोछे के कोर में बाँधे प्रसन्न-मुख आ कर दारोगा जी की ओर चला।
सहसा धनिया झपट कर आगे
'चार मुखिया हैं, इसका खयाल कीजिए।'
'अच्छा आधे-आध पर रखो, जल्दी करो। मुझे देर हो रही है।'
पटेश्वरी ने झिंगुरी से कहा - झिंगुरी ने होरी को इशारे से बुलाया, अपने घर ले गए, तीस रुपए गिन कर उसके हवाले किए और एहसान से दबाते हुए बोले - आज ही कागद लिखा लेना। तुम्हारा मुँह देख कर रुपए दे रहा हूँ, तुम्हारी भलमंसी पर।
होरी ने रुपए लिए और अँगोछे के कोर में बाँधे प्रसन्न-मुख आ कर दारोगा जी की ओर चला।
सहसा धनिया झपट कर आगे