गोदान - Godan

तुझे कुछ मालूम है, गोबर किधर गया।

झुनिया ने सिसकते हुए कहा - मुझसे तो कुछ नहीं कहा। मेरे कारन तुम्हारे ऊपर...यह कहते-कहते उसकी आवाज आँसुओं में डूब गई।

होरी अपने व्याकुलता न छिपा सका।

'जब तूने आज उसे देखा, तो कुछ दु:खी था?'

'बातें तो हँस-हँस कर रहे थे। मन का हाल भगवान जाने।'

'तेरा मन क्या कहता है, है गाँव में ही कि कहीं बाहर चला गया?'

'मुझे तो शंका होती है, कहीं बाहर चले गए हैं।'

'यही मेरा मन भी कहता है,


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तुझे कुछ मालूम है, गोबर किधर गया।

झुनिया ने सिसकते हुए कहा - मुझसे तो कुछ नहीं कहा। मेरे कारन तुम्हारे ऊपर...यह कहते-कहते उसकी आवाज आँसुओं में डूब गई।

होरी अपने व्याकुलता न छिपा सका।

'जब तूने आज उसे देखा, तो कुछ दु:खी था?'

'बातें तो हँस-हँस कर रहे थे। मन का हाल भगवान जाने।'

'तेरा मन क्या कहता है, है गाँव में ही कि कहीं बाहर चला गया?'

'मुझे तो शंका होती है, कहीं बाहर चले गए हैं।'

'यही मेरा मन भी कहता है,


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