गोदान - Godan

में उनके अधिकार का अपमान होता था। फूले हुए गालों में धँसी हुई आँखें निकाल कर बोले - इसमें रायसाहब से क्या पूछना है। मैं जो चाहूँ, कर सकता हूँ। लगा दो सौ रुपए डाँड़। आप गाँव छोड़ कर भागेगा। इधर बेदखली भी दायर किए देता हूँ।

पटेश्वरी ने कहा - मगर लगान तो बेबाक कर चुका है।

झिंगुरीसिंह ने समर्थन किया - हाँ, लगान के लिए ही तो हमसे तीस रुपए लिए हैं।

नोखेराम ने घमंड के साथ कहा - लेकिन अभी रसीद तो नहीं दी। सबूत क्या है कि लगान बेबाक कर दिया?


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में उनके अधिकार का अपमान होता था। फूले हुए गालों में धँसी हुई आँखें निकाल कर बोले - इसमें रायसाहब से क्या पूछना है। मैं जो चाहूँ, कर सकता हूँ। लगा दो सौ रुपए डाँड़। आप गाँव छोड़ कर भागेगा। इधर बेदखली भी दायर किए देता हूँ।

पटेश्वरी ने कहा - मगर लगान तो बेबाक कर चुका है।

झिंगुरीसिंह ने समर्थन किया - हाँ, लगान के लिए ही तो हमसे तीस रुपए लिए हैं।

नोखेराम ने घमंड के साथ कहा - लेकिन अभी रसीद तो नहीं दी। सबूत क्या है कि लगान बेबाक कर दिया?


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