होरी ने अपना हाथ छुड़ा कर टोकरी में अनाज भरते हुए कहा - यह न होगा, पंचों की आँख बचा कर एक दाना भी रख लेना मेरे लिए हराम है। मैं ले जा कर सब-का-सब वहाँ ढेर कर देता हूँ। फिर पंचों के मन में दया उपजेगी, तो कुछ मेरे बाल-बच्चों के लिए देंगे, नहीं भगवान मालिक है!
धनिया तिलमिला कर बोली - यह पंच नहीं हैं, राच्छस हैं, पक्के राच्छस! यह सब हमारी जगह-जमीन छीन कर माल मारना चाहते हैं। डाँड़ तो बहाना है। समझाती जाती हूँ, पर तुम्हारी
होरी ने अपना हाथ छुड़ा कर टोकरी में अनाज भरते हुए कहा - यह न होगा, पंचों की आँख बचा कर एक दाना भी रख लेना मेरे लिए हराम है। मैं ले जा कर सब-का-सब वहाँ ढेर कर देता हूँ। फिर पंचों के मन में दया उपजेगी, तो कुछ मेरे बाल-बच्चों के लिए देंगे, नहीं भगवान मालिक है!
धनिया तिलमिला कर बोली - यह पंच नहीं हैं, राच्छस हैं, पक्के राच्छस! यह सब हमारी जगह-जमीन छीन कर माल मारना चाहते हैं। डाँड़ तो बहाना है। समझाती जाती हूँ, पर तुम्हारी