माँ से अलग हो जाऊँ। तुम्हीं सोचो, कैसे अलग हो जाऊँ और किससे अलग हो जाऊँ! अपनी माँ से? जिसने जनम दिया? यह मुझसे न होगा। औरत रहे या जाए।'
गोबर को भी राय बदलनी पड़ी। बोला - माता का आदर करना तो सबका धरम ही है भाई। माता से कौन उरिन हो सकता है?
कोदई ने उसे अपने घर चलने का नेवता दिया। आज वह किसी तरह लखनऊ नहीं पहुँच सकता। कोस दो-कोस जाते-जाते साँझ हो जायगी। रात को कहीं टिकना ही पड़ेगा।
गोबर ने विनोद किया - लुगाई मान गई?
माँ से अलग हो जाऊँ। तुम्हीं सोचो, कैसे अलग हो जाऊँ और किससे अलग हो जाऊँ! अपनी माँ से? जिसने जनम दिया? यह मुझसे न होगा। औरत रहे या जाए।'
गोबर को भी राय बदलनी पड़ी। बोला - माता का आदर करना तो सबका धरम ही है भाई। माता से कौन उरिन हो सकता है?
कोदई ने उसे अपने घर चलने का नेवता दिया। आज वह किसी तरह लखनऊ नहीं पहुँच सकता। कोस दो-कोस जाते-जाते साँझ हो जायगी। रात को कहीं टिकना ही पड़ेगा।
गोबर ने विनोद किया - लुगाई मान गई?