गोदान - Godan

में विशेष आनंद न मिल रहा था। वे इससे अधिक महत्व की बातें कर रहे थे।

खन्ना ने जिंजर का ग्लास खाली करके सिगार सुलगाया और रायसाहब से बोले - मैंने आपसे कह दिया, बैंक इससे कम सूद पर किसी तरह राजी न होगा और यह रिआयत भी मैंने आपके साथ की है, क्योंकि आपके साथ घर का मुआमला है।

रायसाहब ने मूँछों में मुस्कराहट को लपेट कर कहा - आपकी नीति में घर वालों को ही उलटे छुरे से हलाल करना चाहिए?

'यह आप क्या फरमा रहे हैं?'

'ठीक कह रहा


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में विशेष आनंद न मिल रहा था। वे इससे अधिक महत्व की बातें कर रहे थे।

खन्ना ने जिंजर का ग्लास खाली करके सिगार सुलगाया और रायसाहब से बोले - मैंने आपसे कह दिया, बैंक इससे कम सूद पर किसी तरह राजी न होगा और यह रिआयत भी मैंने आपके साथ की है, क्योंकि आपके साथ घर का मुआमला है।

रायसाहब ने मूँछों में मुस्कराहट को लपेट कर कहा - आपकी नीति में घर वालों को ही उलटे छुरे से हलाल करना चाहिए?

'यह आप क्या फरमा रहे हैं?'

'ठीक कह रहा


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