'मैं खरीदार की तलाश में रहूँगा, मगर मेरा कमीशन पाँच प्रतिशत होगा आपसे।'
'औरों से शायद दस प्रतिशत हो क्यों, क्या करोगे इतने रुपए ले कर?'
'आप जो चाहें दे दीजिएगा। अब तो राजी हुए। शुगर के हिस्से अभी तक आपने न खरीदे? अब बहुत थोड़े-से हिस्से बच रहे हैं। हाथ मलते रह जाइएगा। इंश्योरेंस की पॉलिसी भी आपने न ली। आपमें टाल-मटोल की बुरी आदत है। जब अपने लाभ की बातों का इतना टाल-मटोल है, तब दूसरों को आप लोगों से क्या लाभ हो सकता है! इसी से कहते हैं,
'मैं खरीदार की तलाश में रहूँगा, मगर मेरा कमीशन पाँच प्रतिशत होगा आपसे।'
'औरों से शायद दस प्रतिशत हो क्यों, क्या करोगे इतने रुपए ले कर?'
'आप जो चाहें दे दीजिएगा। अब तो राजी हुए। शुगर के हिस्से अभी तक आपने न खरीदे? अब बहुत थोड़े-से हिस्से बच रहे हैं। हाथ मलते रह जाइएगा। इंश्योरेंस की पॉलिसी भी आपने न ली। आपमें टाल-मटोल की बुरी आदत है। जब अपने लाभ की बातों का इतना टाल-मटोल है, तब दूसरों को आप लोगों से क्या लाभ हो सकता है! इसी से कहते हैं,