गोदान - Godan

के बाद उसने पूछा - क्या इस खेल में हाफटाइम नहीं होता?

खन्ना को शरारत सूझी। बोले - आप चले थे मिर्जा से मुकाबला करने। समझते थे, यह भी फिलॉसफी है।

'मैं पूछती हूँ, इस खेल में हाफटाइम नहीं होता?'

खन्ना ने फिर चिढ़ाया - अब खेल ही खतम हुआ जाता है। मजा आएगा तब, जब मिर्जा मेहता को दबोच कर रगड़ेंगे और मेहता साहब चीं बोलेंगे।

'मैं तुमसे नहीं पूछती। रायसाहब से पूछती हूँ।'

रायसाहब बोले - इस खेल में हाफटाइम! एक ही एक आदमी तो सामने आता है।


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के बाद उसने पूछा - क्या इस खेल में हाफटाइम नहीं होता?

खन्ना को शरारत सूझी। बोले - आप चले थे मिर्जा से मुकाबला करने। समझते थे, यह भी फिलॉसफी है।

'मैं पूछती हूँ, इस खेल में हाफटाइम नहीं होता?'

खन्ना ने फिर चिढ़ाया - अब खेल ही खतम हुआ जाता है। मजा आएगा तब, जब मिर्जा मेहता को दबोच कर रगड़ेंगे और मेहता साहब चीं बोलेंगे।

'मैं तुमसे नहीं पूछती। रायसाहब से पूछती हूँ।'

रायसाहब बोले - इस खेल में हाफटाइम! एक ही एक आदमी तो सामने आता है।


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