उस पर दया आ गई। तुम अब बूढ़े हो गए महतो! पर आज भी तुम्हें सगाई की धुन सवार है। फिर वह तो अभी बच्चा है।
भोला ने अपील-भरी आँखों से होरी को देखा - सुनते हो होरी इसकी बातें! अब मेरा दोस नहीं। मैं बिना बैल लिए न जाऊँगा।
होरी ने दृढ़ता से कहा - ले जाओ।
'फिर रोना मत कि मेरे बैल खोल ले गए!'
'नहीं रोऊँगा।'
भोला बैलों की पगहिया खोल ही रहा था कि झुनिया चकतियोंदार साड़ी पहने, बच्चे को गोद में लिए, बाहर निकल आई और कंपित स्वर में बोली - काका,
उस पर दया आ गई। तुम अब बूढ़े हो गए महतो! पर आज भी तुम्हें सगाई की धुन सवार है। फिर वह तो अभी बच्चा है।
भोला ने अपील-भरी आँखों से होरी को देखा - सुनते हो होरी इसकी बातें! अब मेरा दोस नहीं। मैं बिना बैल लिए न जाऊँगा।
होरी ने दृढ़ता से कहा - ले जाओ।
'फिर रोना मत कि मेरे बैल खोल ले गए!'
'नहीं रोऊँगा।'
भोला बैलों की पगहिया खोल ही रहा था कि झुनिया चकतियोंदार साड़ी पहने, बच्चे को गोद में लिए, बाहर निकल आई और कंपित स्वर में बोली - काका,