होरी ने सकुचाते हुए कहा - यह मुझसे कहने लगे या तो झुनिया को घर से निकाल दो, या मेरे रुपए दो, नहीं तो मैं बैल खोल ले जाऊँगा। मैंने कहा - मैं बहू को तो न निकालूँगा, न मेरे पास रुपए हैं, अगर तुम्हारा धरम कहे, तो बैल खोल लो। बस, मैंने इनके धरम पर छोड़ दिया और इन्होंने बैल खोल लिए।
पटेश्वरी ने मुँह लटका कर कहा - जब तुमने धरम पर छोड़ दिया, तब काहे की जबरदस्ती। उसके धरम ने कहा - लिए जाता है। जाओ भैया, बैल तुम्हारे हैं।
होरी ने सकुचाते हुए कहा - यह मुझसे कहने लगे या तो झुनिया को घर से निकाल दो, या मेरे रुपए दो, नहीं तो मैं बैल खोल ले जाऊँगा। मैंने कहा - मैं बहू को तो न निकालूँगा, न मेरे पास रुपए हैं, अगर तुम्हारा धरम कहे, तो बैल खोल लो। बस, मैंने इनके धरम पर छोड़ दिया और इन्होंने बैल खोल लिए।
पटेश्वरी ने मुँह लटका कर कहा - जब तुमने धरम पर छोड़ दिया, तब काहे की जबरदस्ती। उसके धरम ने कहा - लिए जाता है। जाओ भैया, बैल तुम्हारे हैं।