मानो उसका विवाह हो रहा हो। वीमेंस लीग में इतना समारोह और कभी न हुआ था। डाक्टर मेहता अकेले थे, फिर भी देवियों के दिल काँप रहे थे। सत्य की एक चिनगारी असत्य के एक पहाड़ को भस्म कर सकती है।
सबसे पीछे की सफ में मिर्जा और खन्ना और संपादक जी भी विराज रहे थे। रायसाहब भाषण शुरू होने के बाद आए और पीछे खड़े हो गए।
मिर्जा ने कहा - आ जाइए आप भी, खड़े कब तक रहिएगा?
रायसाहब बोले - नहीं भाई, यहाँ मेरा दम घुटने लगेगा।
'तो मैं खड़ा होता हूँ। आप बैठिए।'
मानो उसका विवाह हो रहा हो। वीमेंस लीग में इतना समारोह और कभी न हुआ था। डाक्टर मेहता अकेले थे, फिर भी देवियों के दिल काँप रहे थे। सत्य की एक चिनगारी असत्य के एक पहाड़ को भस्म कर सकती है।
सबसे पीछे की सफ में मिर्जा और खन्ना और संपादक जी भी विराज रहे थे। रायसाहब भाषण शुरू होने के बाद आए और पीछे खड़े हो गए।
मिर्जा ने कहा - आ जाइए आप भी, खड़े कब तक रहिएगा?
रायसाहब बोले - नहीं भाई, यहाँ मेरा दम घुटने लगेगा।
'तो मैं खड़ा होता हूँ। आप बैठिए।'