'हमें तो उन्होंने कभी एक गाय नहीं दे दी।'
'दे तो रहा था, पर हमने ली ही नहीं।'
'धनिया मटक कर बोली - गाय नहीं वह दे रहा था। इन्हें गाय दे देगा! आँख में अंजन लगाने को कभी चिल्लू-भर दूध तो भेजा नहीं, गाय दे देगा!
होरी ने कसम खाई - नहीं, जवानी कसम, अपने पछाई गाय दे रहे थे। हाथ तंग है, भूसा-चारा नहीं रख सके। अब एक गाय बेच कर भूसा लेना चाहते हैं। मैंने सोचा, संकट में पड़े आदमी की गाय क्या लूँ। थोड़ा-सा भूसा दिए देता हूँ,
'हमें तो उन्होंने कभी एक गाय नहीं दे दी।'
'दे तो रहा था, पर हमने ली ही नहीं।'
'धनिया मटक कर बोली - गाय नहीं वह दे रहा था। इन्हें गाय दे देगा! आँख में अंजन लगाने को कभी चिल्लू-भर दूध तो भेजा नहीं, गाय दे देगा!
होरी ने कसम खाई - नहीं, जवानी कसम, अपने पछाई गाय दे रहे थे। हाथ तंग है, भूसा-चारा नहीं रख सके। अब एक गाय बेच कर भूसा लेना चाहते हैं। मैंने सोचा, संकट में पड़े आदमी की गाय क्या लूँ। थोड़ा-सा भूसा दिए देता हूँ,