पचास तो मेरे सूद के होते हैं।
होरी ने घिघिया कर कहा - भाभी, ऊख काट लेने दो, इसके रुपए मिलते हैं, तो जितना हो सकेगा, तुमको भी दूँगा। न गाँव छोड़ कर भागा जाता हूँ, न इतनी जल्दी मौत ही आई जाती है। खेत में खड़ी ऊख तो रुपए न देगी?
दुलारी ने उसके हाथ से गँड़ासा छीन कर कहा - नीयत इतनी खराब हो गई है तुम लोगों की, तभी तो बरक्कत नहीं होती।
आज पाँच साल हुए, होरी ने दुलारी से तीस रुपए लिए थे। तीन साल में उसके सौ रुपए हो गए,
पचास तो मेरे सूद के होते हैं।
होरी ने घिघिया कर कहा - भाभी, ऊख काट लेने दो, इसके रुपए मिलते हैं, तो जितना हो सकेगा, तुमको भी दूँगा। न गाँव छोड़ कर भागा जाता हूँ, न इतनी जल्दी मौत ही आई जाती है। खेत में खड़ी ऊख तो रुपए न देगी?
दुलारी ने उसके हाथ से गँड़ासा छीन कर कहा - नीयत इतनी खराब हो गई है तुम लोगों की, तभी तो बरक्कत नहीं होती।
आज पाँच साल हुए, होरी ने दुलारी से तीस रुपए लिए थे। तीन साल में उसके सौ रुपए हो गए,