पर चिकनापन है। गात कोमल, अंगविन्यास सुडौल, गोल बाँहे, मुख पर एक प्रकार की अरुचि, जिसमें कुछ गर्व की झलक भी है, मानो संसार के व्यवहार और व्यापार को हेय समझती है। खन्ना के पास विलास के ऊपरी साधनों की कमी नहीं, अव्वल दरजे का बँगला है, अव्वल दरजे का फर्नीचर, अव्वल दरजे की कार और अपार धन! पर गोविंदी की दृष्टि में जैसे इन चीजों का कोई मूल्य नहीं। इस खारे सागर में वह प्यासी पड़ी रहती है। बच्चों का लालन-पालन और गृहस्थी के छोटे-मोटे
पर चिकनापन है। गात कोमल, अंगविन्यास सुडौल, गोल बाँहे, मुख पर एक प्रकार की अरुचि, जिसमें कुछ गर्व की झलक भी है, मानो संसार के व्यवहार और व्यापार को हेय समझती है। खन्ना के पास विलास के ऊपरी साधनों की कमी नहीं, अव्वल दरजे का बँगला है, अव्वल दरजे का फर्नीचर, अव्वल दरजे की कार और अपार धन! पर गोविंदी की दृष्टि में जैसे इन चीजों का कोई मूल्य नहीं। इस खारे सागर में वह प्यासी पड़ी रहती है। बच्चों का लालन-पालन और गृहस्थी के छोटे-मोटे