गोदान - Godan

जहाँ वह पाखंडों और वासनाओं से दूर अपने शांत कुटिया में सरल आनंद का उपभोग करे। खन्ना उसकी कविताएँ देखते, तो उनका मजाक उड़ाते और कभी-कभी फाड़ कर फेंक देते। और संपत्ति की यह दीवार दिन-दिन ऊँची होती जाती थी और दंपति को एक दूसरे से दूर और पृथक करती जाती थी। खन्ना अपने ग्राहकों के साथ जितना ही मीठा और नम्र था, घर में उतना ही कटु और उद्दंड। अक्सर क्रोध में गोविंदी को अपशब्द कह बैठता। शिष्टता उसके लिए दुनिया को ठगने का एक साधन थी,


886 of 1753

जहाँ वह पाखंडों और वासनाओं से दूर अपने शांत कुटिया में सरल आनंद का उपभोग करे। खन्ना उसकी कविताएँ देखते, तो उनका मजाक उड़ाते और कभी-कभी फाड़ कर फेंक देते। और संपत्ति की यह दीवार दिन-दिन ऊँची होती जाती थी और दंपति को एक दूसरे से दूर और पृथक करती जाती थी। खन्ना अपने ग्राहकों के साथ जितना ही मीठा और नम्र था, घर में उतना ही कटु और उद्दंड। अक्सर क्रोध में गोविंदी को अपशब्द कह बैठता। शिष्टता उसके लिए दुनिया को ठगने का एक साधन थी,


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