पर लगता था, पाँच-छ: महीने का। खन्ना की धारणा हो गई थी कि यह लड़का बचेगा नहीं, इसलिए उसकी ओर से उदासीन रहते थे, पर गोविंदी इसी कारण उसे और सब बच्चों से ज्यादा चाहती थी।
खन्ना ने पिता के स्नेह का भाव दिखाते हुए कहा - बच्चों को दवाओं का आदी बना देना ठीक नहीं, और तुम्हें दवा पिलाने का मरज है। जरा कुछ हुआ और डाक्टर बुलाओ। एक रोज देखो, आज तीसरा ही दिन तो है। शायद आज आप-ही-आप उतर जाए।
गोविंदी ने आग्रह किया - तीन दिन से नहीं उतरा। घरेलू दवाएँ करके हार गई।
पर लगता था, पाँच-छ: महीने का। खन्ना की धारणा हो गई थी कि यह लड़का बचेगा नहीं, इसलिए उसकी ओर से उदासीन रहते थे, पर गोविंदी इसी कारण उसे और सब बच्चों से ज्यादा चाहती थी।
खन्ना ने पिता के स्नेह का भाव दिखाते हुए कहा - बच्चों को दवाओं का आदी बना देना ठीक नहीं, और तुम्हें दवा पिलाने का मरज है। जरा कुछ हुआ और डाक्टर बुलाओ। एक रोज देखो, आज तीसरा ही दिन तो है। शायद आज आप-ही-आप उतर जाए।
गोविंदी ने आग्रह किया - तीन दिन से नहीं उतरा। घरेलू दवाएँ करके हार गई।