दौड़ कर पानी ला और जा कर सोभा से कह दे, दादा बेहाल हैं। हाय भगवान! अब किसकी हो कर रहूँगी, कौन मुझे धनिया कह कर पुकारेगा।........
लाला पटेश्वरी भागे हुए आए और स्नेह-भरी कठोरता से बोले - क्या करती है धनिया, होस सँभाल। होरी को कुछ नहीं हुआ। गरमी से अचेत हो गए हैं। अभी होस आया जाता है। दिल इतना कच्चा कर लेगी तो कैसे काम चलेगा?
धनिया ने पटेश्वरी के पाँव पकड़ लिए और रोती हुई बोली - क्या करूँ लाला जी, जी नहीं मानता। भगवान
दौड़ कर पानी ला और जा कर सोभा से कह दे, दादा बेहाल हैं। हाय भगवान! अब किसकी हो कर रहूँगी, कौन मुझे धनिया कह कर पुकारेगा।........
लाला पटेश्वरी भागे हुए आए और स्नेह-भरी कठोरता से बोले - क्या करती है धनिया, होस सँभाल। होरी को कुछ नहीं हुआ। गरमी से अचेत हो गए हैं। अभी होस आया जाता है। दिल इतना कच्चा कर लेगी तो कैसे काम चलेगा?
धनिया ने पटेश्वरी के पाँव पकड़ लिए और रोती हुई बोली - क्या करूँ लाला जी, जी नहीं मानता। भगवान