मगर तेरी याद एक छन के लिए भी मन से न उतरती थी। अब तो मैंने तय कर लिया है कि तुझे भी लेता जाऊँगा, इसीलिए आया हूँ। तेरे घर वाले तो बहुत बिगड़े होंगे?
'दादा तो मेरी जान लेने पर ही उतारू थे।'
'सच!'
'तीनों जने यहाँ चढ़ आए थे। अम्माँ ने ऐसा डाँटा कि मुँह ले कर रह गए। हाँ, हमारे दोनों बैल खोल ले गए।'
'इतनी बड़ी जबर्दस्ती। और दादा कुछ बोले नहीं?'
दादा अकेले किस-किससे लड़ते। गाँव वाले तो नहीं ले जाने देते थे, लेकिन दादा ही भलमनसी में आ गए, तो और लोग क्या करते?'
मगर तेरी याद एक छन के लिए भी मन से न उतरती थी। अब तो मैंने तय कर लिया है कि तुझे भी लेता जाऊँगा, इसीलिए आया हूँ। तेरे घर वाले तो बहुत बिगड़े होंगे?
'दादा तो मेरी जान लेने पर ही उतारू थे।'
'सच!'
'तीनों जने यहाँ चढ़ आए थे। अम्माँ ने ऐसा डाँटा कि मुँह ले कर रह गए। हाँ, हमारे दोनों बैल खोल ले गए।'
'इतनी बड़ी जबर्दस्ती। और दादा कुछ बोले नहीं?'
दादा अकेले किस-किससे लड़ते। गाँव वाले तो नहीं ले जाने देते थे, लेकिन दादा ही भलमनसी में आ गए, तो और लोग क्या करते?'