कमलाप्रसाद ने पूछा - 'पूर्णा ने मिठाई पसंद की होगी?' सुमित्रा ने कहा - 'बिल्कुल नहीं, वह तो कहती थी, मुझे मिठाई से कभी प्रेम न रहा।'
कमलाप्रसाद ने कहा - 'अरे! पूर्णा भी यहीं है। क्षमा करना पूर्णा, मुझे मालूम न था। यह देखो सुमित्रा दो साड़ियाँ लाया हूँ। सस्ते दामों में मिल गईं। एक तुम ले लो, एक पूर्णा को दे दो।'
पूर्णा ने सिर हिला कर कहा - 'नहीं, मैं रेशमी साड़ी ले कर क्या करूँगी।'
सुमित्रा - 'छूत की चीज नहीं; पर
कमलाप्रसाद ने पूछा - 'पूर्णा ने मिठाई पसंद की होगी?' सुमित्रा ने कहा - 'बिल्कुल नहीं, वह तो कहती थी, मुझे मिठाई से कभी प्रेम न रहा।'
कमलाप्रसाद ने कहा - 'अरे! पूर्णा भी यहीं है। क्षमा करना पूर्णा, मुझे मालूम न था। यह देखो सुमित्रा दो साड़ियाँ लाया हूँ। सस्ते दामों में मिल गईं। एक तुम ले लो, एक पूर्णा को दे दो।'
पूर्णा ने सिर हिला कर कहा - 'नहीं, मैं रेशमी साड़ी ले कर क्या करूँगी।'
सुमित्रा - 'छूत की चीज नहीं; पर