को लाॅर्ड केनिंग ने स्वयं विधान परिषद् जाकर नेटिव पत्रकारों के विरूद्ध एक बहुत कठोर और भयानक विधेयक पारित करा लिया’ क्योंकि विद्रोह शुरू होते ही बंगाल के नेटिव पत्र खुलेआम विद्रोहियों की सहानुभूति में उत्साहवर्धक लेख लिखने लग गए थे।
तारीख 14 जून, रविवार के दिन कलकŸाा में शांति और निर्भयता का वास्तविक महोत्सव मनाया गया। उस दिन का वर्णन अंगे्रजी लेखक ही करें। ‘‘जहां-तंहा भय, दहशत, आपाधापी और भागम-भाग।
को लाॅर्ड केनिंग ने स्वयं विधान परिषद् जाकर नेटिव पत्रकारों के विरूद्ध एक बहुत कठोर और भयानक विधेयक पारित करा लिया’ क्योंकि विद्रोह शुरू होते ही बंगाल के नेटिव पत्र खुलेआम विद्रोहियों की सहानुभूति में उत्साहवर्धक लेख लिखने लग गए थे।
तारीख 14 जून, रविवार के दिन कलकŸाा में शांति और निर्भयता का वास्तविक महोत्सव मनाया गया। उस दिन का वर्णन अंगे्रजी लेखक ही करें। ‘‘जहां-तंहा भय, दहशत, आपाधापी और भागम-भाग।