और ये सब कृत्य विद्रोहियों का समुचित प्रतिशोध है, यह मानकर उसकी प्रशंसा करनेवाला इंग्लैंड? कानपुर की दीवारों पर वाहियात एवं नीचतापूर्ण बातें स्वयं के हाथों से लिखकर-ये मरी हुई महिलाओं की लिखी हैं, ऐसा मूलभूत छिछोरापन करनेवाला इंग्लैंड? यथार्थ प्रतिशोध ं ं! किसका? सौ वर्षों तक चक्की में पीसी गई देशमाता के लिए सतंप्त हुए पांड्य पक्ष का या उस अन्याय के कोल्हू पर निगरानी करनेवाले आंग्ल पक्ष का? किसका यथार्थ प्रतिशोध?
और ये सब कृत्य विद्रोहियों का समुचित प्रतिशोध है, यह मानकर उसकी प्रशंसा करनेवाला इंग्लैंड? कानपुर की दीवारों पर वाहियात एवं नीचतापूर्ण बातें स्वयं के हाथों से लिखकर-ये मरी हुई महिलाओं की लिखी हैं, ऐसा मूलभूत छिछोरापन करनेवाला इंग्लैंड? यथार्थ प्रतिशोध ं ं! किसका? सौ वर्षों तक चक्की में पीसी गई देशमाता के लिए सतंप्त हुए पांड्य पक्ष का या उस अन्याय के कोल्हू पर निगरानी करनेवाले आंग्ल पक्ष का? किसका यथार्थ प्रतिशोध?