1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

में धर्म की व्याख्या हो गई। जो कोई भी अंगे्रजों के यहां रहेगा उसका तत्काल जाति बहिष्कार होने लगा। उसकी पगत में कोई बैठेगा नहीं-उससे विवाह कोई करेगा नहीं। उसके यहां पूजा के लिए ब्राह्यण नहीं आएगा। सबसे बड़ी और सबसे अपमानजनक गाली हो गई-‘फिरंगियों का नौकर’।

एक अंगे्रजी लेखक कहता-‘‘सरकारी कर्मचारियों में हम यदि व्रिदोहियों की सूची तैयार करने लग जाएं तो संभवतः विद्रोही प्रदेशों के सथी कर्मचारियों के नाम


1105 of 2102

में धर्म की व्याख्या हो गई। जो कोई भी अंगे्रजों के यहां रहेगा उसका तत्काल जाति बहिष्कार होने लगा। उसकी पगत में कोई बैठेगा नहीं-उससे विवाह कोई करेगा नहीं। उसके यहां पूजा के लिए ब्राह्यण नहीं आएगा। सबसे बड़ी और सबसे अपमानजनक गाली हो गई-‘फिरंगियों का नौकर’।

एक अंगे्रजी लेखक कहता-‘‘सरकारी कर्मचारियों में हम यदि व्रिदोहियों की सूची तैयार करने लग जाएं तो संभवतः विद्रोही प्रदेशों के सथी कर्मचारियों के नाम


1105 of 2102