हमले हुए होते तो अंगे्रजों की शामत आ जाती। अंगे्रजों के सौभाग्य से पंजाब ने उनकी ओर से ही लड़ने की ठानी। नाभा, जींद और
1857 का स्वातंत्र्य समर - 238
पटियाला के राजाओं द्वारा पंजाब के राजमार्गों की सुरक्षा किए जाने से अंगे्रजों को धान्य, आदमी एवं गोला-बारूद्ध की आपूर्ति बिना धोखे के हो सकी। इस सारी घटना के इस तरह बन जाने से, हिंदुस्थान के अभाग्य से अंगे्रजों को अति अनुकूल परिस्थिति परिस्थिति प्राप्त हुई। दिल्ली पर मार की जा सके-ऐसी ऊंचाई,
हमले हुए होते तो अंगे्रजों की शामत आ जाती। अंगे्रजों के सौभाग्य से पंजाब ने उनकी ओर से ही लड़ने की ठानी। नाभा, जींद और
1857 का स्वातंत्र्य समर - 238
पटियाला के राजाओं द्वारा पंजाब के राजमार्गों की सुरक्षा किए जाने से अंगे्रजों को धान्य, आदमी एवं गोला-बारूद्ध की आपूर्ति बिना धोखे के हो सकी। इस सारी घटना के इस तरह बन जाने से, हिंदुस्थान के अभाग्य से अंगे्रजों को अति अनुकूल परिस्थिति परिस्थिति प्राप्त हुई। दिल्ली पर मार की जा सके-ऐसी ऊंचाई,