की लड़ाई करने के लिए बहुत आतुर थे और उन्होंने हमले का विजयी करने का दायित्व लिया हुआ था। फिर राह किसकी देखी जाए? इस तरह 12 जून को जनरल बर्नार्ड ने हमला करने का गुप्त आदेश दिया। कौन सैनिकों को इकट्ठा करेगा, सेनाएं कहां से और कैसे बढ़ेंगी, दायां-बांया नेतृत्व किस-किसके पास होगा? ऐसी सारी योजना पहले ही बन गई। हमले की सारी योजना इस तरह निश्चित की गई और भोर दो बजे से अंगे्रजी सेना पहले से नियोजित परेड मैदान
की लड़ाई करने के लिए बहुत आतुर थे और उन्होंने हमले का विजयी करने का दायित्व लिया हुआ था। फिर राह किसकी देखी जाए? इस तरह 12 जून को जनरल बर्नार्ड ने हमला करने का गुप्त आदेश दिया। कौन सैनिकों को इकट्ठा करेगा, सेनाएं कहां से और कैसे बढ़ेंगी, दायां-बांया नेतृत्व किस-किसके पास होगा? ऐसी सारी योजना पहले ही बन गई। हमले की सारी योजना इस तरह निश्चित की गई और भोर दो बजे से अंगे्रजी सेना पहले से नियोजित परेड मैदान