1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

शत्रु को सताने की नीति होने से अंगे्रजी सेना पर उन्होंने अपनी दहशत बैठा दी और उन्हें आक्रामक नीति छोड़ने को बाध्य किया।

12 जून को कुछ क्रांतिकारी शहर से बाहर निकले, झाड़ियों, झुरमुटों और गड्ढे आदि के सहारे-सहारे अंगे्रजों की अगाड़ी को पर कर पचास गज से भी अधिक अंदर चले गए और अंगे्रजों को आहट होने के पहले ही उन्होंने उनपर हल्ला किया। अंगे्रजी


1857 का स्वातंत्र्य समर - 240

तोपखाने के बहुत लोग गारद


1144 of 2102

शत्रु को सताने की नीति होने से अंगे्रजी सेना पर उन्होंने अपनी दहशत बैठा दी और उन्हें आक्रामक नीति छोड़ने को बाध्य किया।

12 जून को कुछ क्रांतिकारी शहर से बाहर निकले, झाड़ियों, झुरमुटों और गड्ढे आदि के सहारे-सहारे अंगे्रजों की अगाड़ी को पर कर पचास गज से भी अधिक अंदर चले गए और अंगे्रजों को आहट होने के पहले ही उन्होंने उनपर हल्ला किया। अंगे्रजी


1857 का स्वातंत्र्य समर - 240

तोपखाने के बहुत लोग गारद


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