से अधिक कुछ नहीं कर पाए। लाॅर्ड राॅबट्र्स लिखता है-‘‘विद्रोहियों के कारण हममें भगदड़ मची (ज्ीम उनजपदममते तवनजमक ने)। होप ग्रांट का घोड़ा मर गया। वह स्वयं भी बहुत घायल हो गया। उसके बाजू में ही एक राजनिष्ठ मुसलमान घुड़सवार खड़ा न होता तो वह उसी समय मर जाता। मध्य रात तक ऐसे झपट्टे चालू रहे। सिपाहियों के हमलों को रोकना असंभव हो जाने से अंत में अंगे्रज युद्धक्षेत्र से पीछे हट गए और अंगे्रजी छावनी की पिछाड़ी का एक प्रमुख स्थान विद्रोहियों के हाथ लग गया।’’
से अधिक कुछ नहीं कर पाए। लाॅर्ड राॅबट्र्स लिखता है-‘‘विद्रोहियों के कारण हममें भगदड़ मची (ज्ीम उनजपदममते तवनजमक ने)। होप ग्रांट का घोड़ा मर गया। वह स्वयं भी बहुत घायल हो गया। उसके बाजू में ही एक राजनिष्ठ मुसलमान घुड़सवार खड़ा न होता तो वह उसी समय मर जाता। मध्य रात तक ऐसे झपट्टे चालू रहे। सिपाहियों के हमलों को रोकना असंभव हो जाने से अंत में अंगे्रज युद्धक्षेत्र से पीछे हट गए और अंगे्रजी छावनी की पिछाड़ी का एक प्रमुख स्थान विद्रोहियों के हाथ लग गया।’’